"मृत" से तुक मिलाने वाले शब्द
"दिल" सप्ताह का आख़िरी दिन — आज का शब्द है "मृत" (मरा हुआ)। कल: "मुस्तक़बिल"।
"मृत" की तुकें
पूर्ण तुक में 6 शब्द मिलते हैं:
- स्थित
- हित
- कृत
- चित
- जित
स्वर तुक में 96 शब्द — इस सप्ताह देखे गए शब्दों में सबसे व्यापक स्वर-नेटवर्क में से एक।
भंडार से बाहर
छह दिन हम एक ही मैदान में रहे — -िल के वही 47 शब्द, हर दिन अलग जगह से कटे हुए।
"मृत" उस मैदान से बाहर निकल जाता है। इसका अंत -इत् है, -िल नहीं। और पूर्ण तुक के छहों शब्द संस्कृत से आते हैं: ऋत (सत्य), स्थित, कृत (किया हुआ), हित (भला), चित (परास्त), जित (जीता हुआ)।
अरबी-फ़ारसी के भंडार से निकलकर सीधे संस्कृत के भंडार में।
गिनने लायक़ और न गिनने लायक़
फ़र्क़ अंतिम अक्षर की तुक में सबसे साफ़ दिखता है। -िल के मैदान में यह परत हमेशा गिनी जा सकती थी — 34, 42, 43, 45 शब्द। हर दिन एक पूरी संख्या।
"मृत" में -इत् पर ख़त्म होने वाले शब्द इतने हैं कि सूची दिखाने की हद तक भर जाती है, और उसके आगे भी चलती रहती है।
छह दिन एक बंद मैदान, सातवें दिन खुला मैदान। तुक की दुनिया में आख़िरी व्यंजन का एक फ़र्क़ इतना बड़ा होता है।
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"दिल सप्ताह" यहीं समाप्त होता है। अगले सप्ताह का विषय "रोशनी" है।