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रास्ता

पुल से तुक मिलाने वाले शब्द—सिर्फ़ दो

"रास्ता" सप्ताह का पाँचवाँ दिन "पुल" है। पिछला दिन "सड़क" था।

दो शब्द

पुल की पूर्ण तुक में सिर्फ़ दो शब्द हैं: कुल (वंश, ख़ानदान; कुल जोड़) और गुल (गुड़, राब)। इनमें सिर्फ़ कुल सामान्य है।

इस हफ़्ते की सबसे छोटी सूची यही है। कल सड़क के पास 60 थे, पहले दिन रास्ते के पास 262। आज दो।

एक अक्षर का शब्द सबसे मुश्किल क्यों

पहली नज़र में उल्टा लगता है: शब्द जितना छोटा, तुक उतनी आसान होनी चाहिए। यहाँ उल्टा हुआ है, और वजह "अंतिम अक्षर" की परिभाषा में है।

पुल एक ही अक्षर का शब्द है। उसकी पूरी तुक-कुंजी है: उ + ल। यानी तुक मिलाने के लिए शब्द को पूरा का पूरा एक अक्षर का होना चाहिए, स्वर "उ" के साथ और "ल" पर ख़त्म। हिंदी में ऐसे शब्द गिने-चुने हैं।

लंबे शब्दों में आख़िरी हिस्सा दोहराना काफ़ी होता है—इसीलिए "-ना" वाली क्रियाएँ (पहला दिन) या "-क" वाले शब्द (कल) सैकड़ों में मिलते हैं। एक अक्षर के शब्द में कोई ढील नहीं बचती।

अंतिम 2 अक्षर की तुक शून्य

इसी वजह से अंतिम 2 अक्षर की तुक भी ख़ाली है—पुल में दो अक्षर हैं ही नहीं, इसलिए वह परत बन ही नहीं सकती।

एक अक्षर के शब्दों के साथ यही होता है—और इस हफ़्ते एक और ऐसा शब्द आने वाला है।

स्वर तुक में जगह खुलती है

जहाँ राहत मिलती है वह है स्वर तुक—यानी सिर्फ़ स्वर "उ" का मिलान, अंत के व्यंजन की शर्त हटाकर। वहाँ 106 शब्द हैं।

यानी पुल अकेला नहीं है, बस उसकी शर्त सख़्त है। एक परत ढीली करते ही दो से सौ के पार।

पुल का काम

अर्थ की तरफ़ से देखें तो यह एक अच्छा संयोग है। पुल वह चीज़ है जो दो किनारों को जोड़ती है—और तुक की दुनिया में वह ख़ुद लगभग किसी से नहीं जुड़ता।

पहले दिन "रास्ता" की सूची में किनारा मिला था। पुल और किनारा एक ही दृश्य के दो शब्द हैं, पर उनकी तुक की सूचियों में कोई साझा शब्द नहीं।

Raimz पर "पुल" खोजें, तुक मिलाने वाले शब्दों की पूरी सूची और उच्चारण देखने के लिए।

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